Thursday, September 20, 2018

What is Adhaar - Defination and Full Imformation in Hindi



आधार कार्ड को बने आज लगभग 9 साल हो गए हैं, लेकिन आधार को लेकर आज भी मन में कई प्रकार के संशय बने हुए हैं. ये बात भी सही है की 2009 की तुलना में आज आधार कार्ड की उपयोगिता बढ़ गई है, शायद इसलिए इसको लेकर और संशय बढ़ रहा है.

आधार को लेकर मुख्यतः तीन प्रकार के प्रश्न हमारे मन में आते हैं -
1. क्या आधार का डाटा  सुरक्षित हैं ?
2. आधार क्यों जरुरी है?
3. क्या आधार निजता के अधिकार को सुरक्षित रखने में सक्षम है ?

हम तीनों बिन्दुओं को समझने की कोशिश करते हैं.

1. क्या आधार का डाटा  सुरक्षित हैं ?


जब हम अपना आधार बनवाने गए थे तो हमने अपनी Minimum Details जैसे नाम, जन्मतिथि, Gender, पता, Mobile No. और Email ID ही दी थीं, इसके अलावा हमने न तो Bank Details, न ही अपनी Income और न ही धर्म/जाति  जैसी कोई व्यक्तिगत जानकारी नहीं दीं थीं, हाँ इसके अलावा Fingerprint और Iris को स्कैन ज़रूर किया गया था.

जब Operator ने हमारी सारी जानकारी अपने कंप्यूटर में डालीं थीं तो उससे पहले उसने अपनी Login ID और Password से उसने UIDAI का Portal खोल कर उसमें अपने Fingerprint को Scan कर के Authenticate किया था.

सारी Details ठीक से fill करने के बाद एक Enrollment Slip जारी की जाती है, उस स्लिप को Operator जैसे ही print करता है, हमारा पूरा Data Encryption Process से 2048 bit में Encrypt हो जाता है, किसी भी Data का 2048 bit में Encrypt होने का मतलब Data very high security में lock कर दिया गया है, जिसको खोलने का Password सिर्फ UIDAI के पास ही है.

Enrollment के बाद जब हमारा Data UIDAI के पास पहुँचता है तो वहाँ हमारे Adhaar number को Issue करने के लिए कुछ Seconds के लिए ही हमारा Data खोला जाता है, हमारे Data को UIDAI के पास उपलब्ध अन्य Data से Match किया जाता है, यदि हमारा Data अन्य किसी Data से Match नहीं हुआ तो हमें 12 अंकों का एक विशिष्ट आधार नंबर Issue कर दिया जाता है और यदि हमारा Data किसी अन्य Data से match हुआ तो इसका मतलब हम पहले भी कभी आधार के लिए Apply कर चुके हैं और आधार Number Issue हो चुका है, हमे दुबारा Enrollment की आवश्यकता नहीं है.

Data Processimg के बाद Data को फिर से lock करके रख दिया जाता है, जब तक हम अपने आधार को OTP, या Biometric से Authenticate नहीं करते जब तक हमारे Data को कोई भी नहीं निकाल सकता, फिलहाल हम तो कह ही सकते हैं की हमारा DATA सुरक्षित है.


2. आधार क्यों जरुरी है?


हर नागरिक का अधिकार है की उसके पास कोई ऐसी  एक Identity हो जो उसे एक Legal Identity प्रदान करे, अधिकार के साथ हर नागरिक का कर्तव्य भी है की वो अपनी सिर्फ एक ही identity रखे, अक्सर हम देखते हैं की किसी के Voter ID में उसका नाम रानी है, राशन कार्ड में महारानी है लेकिन आधार में अपना नाम राजकुमारी करवाना है, ऐसा तो नहीं चलेगा ना.

हम अक्सर ऐसा भी  देखते हैं की एक ही व्यक्ति का दो अलग अलग राज्यों के दो-दो Voter ID card होते हैं, पहले जिस राज्य में रह रहे हैं वहाँ बनवा लिया, फिर किसी दुसरे राज्य में गए तो वहाँ भी बनवा लिया, लेकिन आधार में ऐसा संभव नहीं है, आप उसमे अपना नाम पता update तो करवा सकते हो लेकिन दूसरा नहीं बनवा सकते.

अक्सर ऐसा भी देखने को मिलता है की मैंने अपने ही राज्य में voter id के लिए आवेदन किया लेकिन वो नहीं बन कर मेरे पास नहीं आया , कुछ समय बाद मैंने दुबारा आवेदन कर दिया, अब बार मेरे पास पहले आवेदन किया हुआ और इस बार आवेदन किया दोनों Voter ID Card आ गए और दोनों Cards के Numbers भी अलग अलग हैं, ये भी गलत है की नहीं..? इस तरह नागरिकों की एक ही Identification को Maintain रखने के लिए आधार बहुत ही ज़रूरी है.

 पहले ये बात कही जाती थी कि अगर गरीबों के उत्थान कि किसी योजना में गरीबो के लिए सरकार से एक रुपया चलता है तो लाभार्थियों को मात्र सोलह पैसे ही मिल पाते हैं, लेकिन योजनाओं को आधार से linked करके पूरा पैसा  लाभार्थियों के खातों में सीधा पहुँचता है, इससे लाभार्थियों को फायदा तो हुआ ही है वहीं फर्जी लाभार्थियों का भी पता चल जाने से सरकार के करोड़ो रुपये भी बचे हैं. 

3. क्या आधार निजता के अधिकार को सुरक्षित रखने में सक्षम है ?

क्योंकि निजता के अधिकार का फैसला सर्वोच्च न्यायालय में सुरक्षित है अंतिम फैसला तो सर्वोच्च न्यायालय ही देगा जो कि सर्वमान्य है, लेकिन फिर भी आधार की उपयोगिता को भी नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता.

आधार से और निजी जानकारी से दूर दूर तक कोई रिश्ता नहीं है, जैसा कि पहले hi बताया जा चूका है कि आधार के पास सिर्फ उतनी ही जानकारी है जिससे व्यक्ति को एक पहचान दि जा सके बस.

आपकी बैंक DETAILS, आप कौन सी SIM CARD प्रयोग करते हो, कहाँ आप घुमने गए, पैसा कहाँ लगाया क्यों लगाया, इन सब से आधार को कोई मतलब नहीं है और न ही आधार के पास ऐसी कोई जानकारी है, ये बस एक ऐसा DATABASE सर्वर है जो हमारी MINIMUM IDENTITY को हमारे APPROVEL के बाद hi ट्रान्सफर करता है.

अगर फिर भी आधार नंबर SHARE करने से आपको लगता है कि कोई परेशानी है तो UIDAI कि SITE पे जाके VIRTUAL ID बना सकते हैं और आधार कि जगह उसे USE कर  सकते हैं

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